नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी नहीं थम रहा है रेहड़ी पटरी विवाद, रेहड़ी पटरी समिति फिर कर रही है कोर्ट जाने की बात।

मसूरी। मसूरी में रेहड़ी-पटरी विवाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी खत्म होता नहीं दिख रहा है। हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए रेहड़ी-पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति ने अब पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। समिति का आरोप है कि नगर पालिका ने न्यायालय में गलत तथ्य पेश कर फैसले को प्रभावित किया। समिति के अध्यक्ष रामकिशन राही, संजय टम्टा और गोविंद नौटियाल ने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि यदि याचिकाकर्ताओं को लगता है कि अदालत के समक्ष गलत तथ्य रखे गए हैं तो वे दोबारा न्यायालय जा सकते हैं। इसी आधार पर सभी दस्तावेजों के साथ जल्द पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी। समिति ने आरोप लगाया कि पालिका ने कोर्ट में तीन वेंडिंग जोन बनने की बात कही, जबकि धरातल पर ऐसे वेंडिंग जोन दिखाई नहीं देते। वहीं हाल ही में हुए टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) चुनाव पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बैलेट पेपर में चुनाव चिन्ह बदल दिए गए और पूरी चुनाव प्रक्रिया नियमों के विपरीत जल्दबाजी में कराई गई। समिति का दावा है कि 30 जुलाई को चुनाव में शामिल होने के लिए अधिशासी अधिकारी को पत्र देने के बावजूद उन्हें प्रक्रिया से बाहर रखा गया। समिति नेताओं ने कहा कि पालिका की मनमानी और पटरी व्यापारियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण लेने के साथ-साथ भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी।