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March 27, 2026

सार्थक बिगुल

पर्वतीय क्रांति की आवाज

पर्यटन नगरी मसूरी में जन्माष्टमी का पर्व उल्लास, उत्साह के साथ व पारंपरिक रीति रिवाज के साथ मनाया गया

सुनील उनियाल/          मसूरी:-भगवान कृष्ण जन्माष्ठमी का पर्व पर्यटन नगरी में पारंपरिक रीति रिवाज के साथ मनाया गया। इस मौके पर मसूरी के सभी मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया जहां भक्तों ने जाकर भगवान कृष्ण के दर्शन किए व परिवार की खुशहाली की कामना कर प्रसाद चढाया। वहीं मध्य रात्रि तक मंदिरों में भजन कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित किए गये जिस पर देर रात्रि तक श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे रहे।
भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी का पर्व पूरे उत्साह, उल्लास व धार्मिक पंरपराओं के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों मे श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए तांता लगा रहा व शाम होते होते मंदिर में भारी भीड हो गयी। श्रद्धालुओं ने मंदिर में भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना की व प्रसाद ग्रहण किया व परिवार की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था व भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी झांकियां भी खासा आकर्षण का केंद्र रही। श्री सनातन धर्म मंदिर लंढौर, श्री राधाकृष्ण मंदिर कुलड़ी, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर लाइब्रेरी, श्री सनातन धर्म मंदिर बार्लोगंज, सहित अन्य मदिरों में भी श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के दर्शन किए व लडडू गोपाल को पालने में झुलाकर पुण्य कमाया, वहीं सभी मंदिरों में मध्यरात्रि तक विशेष धार्मिक कार्यक्रम, भजन कीर्तन व भक्तिभाव से पूर्ण गीत संगीत का कार्यक्रम आयोजित किए गये जिसमें श्रद्धालू मध्यरात्रि तक झूमते रहे। मध्य रात्रि को भगवान कृष्ण में जन्म लेते ही भगवान कृष्ण के जयकारों से मंदिर गूंजते रहे व प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ। वहीं घरों में श्रद्धालुओं ने व्रत रखे व पूजा अर्चना की। कृष्ण जन्माष्टमी के दौरान पूरा शहर कृष्णभक्ति के रंगों में रंगा रहा। इस दिनों मसूरी घूमने आये पर्यटकों ने भी मंदिरों में जाकर दर्शन किए। इस मौके पर राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी प. परशुराम भटट ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी पूरे भारत में ही नहीं पूरे विश्व में मनायी जा रही है। यह भाद्रपद अष्ठमी को पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है और मंदिर में होने वाले सभी कार्यक्रमों में यह सबसे बडा कार्यक्रम होता है, उन्होंने कहाकि अष्ठमी रात्रि व्यापनी 15 अगस्त को थी लेकिन भारत में एक स्मार्थ अष्ठमी व एक वैष्णवी अष्ठमी होती है, आज नंद उत्सव पूरे देश में वैष्णवी अष्ठमी के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर मंदिर में दर्शन करने आये बिहार के श्रद्धालु पर्यटक शंभू प्रसाद यादव ने कहाकि वह मसूरी घूमने आये है व कृष्ण जन्माष्ठी पर राधाकृष्ण मंदिर में परिवार के साथ दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहाकि यहां आकर मन को विशेष शांति का अनुभव हो रहा है व बहुत अच्छा लग रहा है। वहीं अमित सिंघल ने कहा कि यह पर्व ऐसा है जिसका सभी को इंतजार हो रहा है, सभी मंदिरों में इसे पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और यहां पर भी मध्यरात्रि तक कार्यक्रम आयोजित किए गये। आज के दिन ही भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था व वासुदेव उन्हें लेकर नंदगांव आये थे। इस मौके पर मंदिर के सचिव सुरेश गोयल ने कहा कि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा है व शाम को विशेष कार्यक्रम का आयोजन पर भारी भीड़ उमडी है जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत का आंनद लिया।

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संपादक: सुनील उनियाल

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