उत्तराखंड के शेर फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट को मसूरी के शहीद स्थल पर उत्तराखंड क्रांति दल व उत्तराखंड आंदोलनकारियो ने श्रद्धांजलि दी।
सुनील उनियाल/
मसूरी:- उत्तराखंड के जन संघर्षों के नेता व उक्रांद के वरिष्ठ नेता फील्ड मार्शल दिवाकर भटट के निधन से मसूरी में भी शोक की लहर है। उनके निधन पर शहीद स्थल पर शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी व राज्य निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
शहीद स्थल पर कार्यक्रम संयोजक कमल भंडारी सहित बड़ी संख्या में लोगों विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर कमल भंडारी ने कहाकि पहाड़ का एक हिमालय टूटा है जिसका नाम दिवाकर भटट है। उन्होंने कहाकि उत्तराखंड राज्य निर्माण में उनकी अहम भूमिका को हमेशा याद रखा जायेगा। उत्तराखंड में ऐसे वीर सपूत कम हुए है, जिनमें नागेद्र सकलानी, श्रीदेव सुमन, मोलू भरदारी जैसे नेता थे लेकिन उस समय हम पैदा नहीं हुए थे लेकिन राज्य के जनक इंद्रमणि बडोनी हो या अन्य लेकिन उनमे दिवाकर भटट एक मात्र ऐसे नेता थे ऐसा नाम था जिन्होंने अपना पूरा जीवन, परिवार तक दांव पर लगा दिया था, लेकिन अचानक वह चले जायेंगे उम्मीद नहीं थी, उनको मुलायम सरकार ने गोली मारने तक के आदेश दिए थे। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि दिवाकर भटट के प्रति भाजपा सरकार का रूख ठीक नहीं था, जब भी कोई भाजपा का नेता बीमार होता है तो उन्हें बड़े अस्पतालों में भर्ती किया जाता है वहीं दिवाकर भटट को महंत इंद्रेश अस्पताल में रखा गया। उन्होंने कहाकि उनके अंतिम संस्कार के बाद उनकी राख को लाया गया है व पूरे उत्तराखंड के हर जिलें में उनकी कलश यात्रा को ले जाया जायेगा। जिसकी तैयारी की जा रही है, उनके जाने से बड़ा दुख है लेकिन आश्चर्य की बात है कि प्रदेश सरकार का न ही मुख्यमंत्री व न ही कोई मंत्री उनके दाह संस्कार में गया। इस मौके पर मजदूर संघ के मंत्री संजय टम्टा ने कहाकि दिवाकर भटट की मृत्यु पूरे उत्तराखंड की बड़ी क्षति है, उत्तराखंड के हिमालय पुत्र, उत्तराखंड के शेर ने राज्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत की व कई संघर्ष किए व पुलिस की लाठिंया खाई व उत्तराखंड के लोगों के सपने को साकार किया। लेकिन उनके सपने को प्रदेश की सरकारों ने पूरा नहीं किया, जल जंगल, जमीन पर अधिकार होगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान कर व उनको अपने श्री चरणों में स्थान दे। इस मौके पर कमल भंडारी, संजय टम्टा, श्रीपति कंडारी, सुनील उनियाल, कीर्ति कंडारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
संपादक: सुनील उनियाल
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