मसूरी। बजरंग दल ने बालाहिसार में वाइनबर्ग एलन स्कूल की संपत्ति पर बनी बाबा बुल्लेशाह की मजार पर प्रदर्शन किया व मजार को हटाने की मांग की वहीं चेतावनी दी कि यही शीघ्र मजार नहीं हटी तो आंदोलन किया जायेगा। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल सहित नगर पालिका, प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों सहित वाइनबर्ग एलन स्कूल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस मौके पर बजरंग दल के अध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा कि मसूरी में विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से लैंड जेहाद के तहत मजारें बन रही है, जिसके तहत यहां पर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रकरण सामने आने पर बजरंग दल मौके पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यह मजार पुरानी है लेकिन यहां पर कई नई मजारे बन गयी है अगर स्कूल ने मजार के लिए जमीन दी है तो हम हनुमान मंदिर व माता के मंदिर के लिए जमीन की मांग करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में मजार पर प्रशासन ने निर्णय नहीं लिया तो बजरंग दल अपने स्तर से कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहाकि केवल यहां ही नहीं अन्य स्थानों पर भी जो मजारे बनी है उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए आंदोलन किया जायेगा। बजरंग दल के नगर मंत्री ने कहा कि वह पहले यहां आ चुके है तो उस समय एक ही मजार थी अब यहां पर एक नहीं कई मजारे बन गयी है यही हाल अन्य स्थानों पर भी है व नयी मजारे बन रही है जो लैंड जेहाद का हिस्सा है, अगर यह मजार नहीं हटाई गयी तो जितनी भी मजारे बनी है उन्हें ध्वस्त किया जायेगा अन्यथा यहां पर हनुमान मंदिर भी बनायेगे। अगर स्कूल ने परमिशन दी है तो एक मजार की दी ,बाकी अन्य नई मजारे कैसे बनी। इस मौके पर नायब तहसील दार उपेंद्र राणा ने कहा कि सोशल मीडिया से यह मामला प्रकाश में आया व वाइनबर्ग ऐलन स्कूल ने कहा कि यह मजार स्कूल की सहमति से बनी है। नगर पालिका कर अधीक्षक अनिरूद्ध सिंह चौधरी ने कहा कि एसडीएम के निर्देश पर मजार की स्थिति देखने आये जिसमें राजस्व विभाग, वन विभाग व वाइनबर्ग ऐलन स्कूल के प्रतिनिधि भी मौके पर आये व बताया गया कि यह एलन स्कूल की संपत्ति पर बनी है, उन्होंने कहाकि एलन स्कूल की संपत्ति के कागज नगर पालिका में है लेकिन मजार के नहीं हैं। वाइन बर्ग एलन स्कूल के एकाउंटेंट संजय मैनी ने कहा कि यह संपत्ति वाइनबर्ग एलन स्कूल की है यह भूमि स्कूल ने उन्हें पचास वर्ष पहले दी थी, लेकिन अन्य मजारो की जानकारी हमें नहीं है,इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है, स्कूल को इससे कोई आपत्ति नहीं है। वन विभग से भी नोटिस आया था जिसमें स्कूल ने कहा कि यह संपत्ति स्कूल की है। इस संबंध में बाबा बुल्ले शाह मजार समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि यह संपत्ति वाइनबर्ग की निजी संपत्ति है व उनकी परमिशन से मजार बनी है। इसके सभी बिल बिजली पानी आदि सभी एलन स्कूल के नाम आते हैं, उन्होंने कहा कि यह पुरानी मजार है जिसमें जो निर्माण किया गया उसमें दो बाबा बुल्लेशाह ही है एक पहलवान बाबा की है, यह सरकारी भूमि पर नहीं है। मसूरी शांति प्रिय शहर है, अगर यह सरकारी भूमि पर होती तो इसका हटाया जाना आवश्यक था, यहां पर चवालिस वर्ष से उर्स मनाया जाता है जिसमें मसूरी सहित बाहर से लोग आते है यहं आस्था का केंद्र है जिसमें सभी जाति धर्म के लोग आते हैं, इस पर संदेह न करे व प्रेम भाव से आगे बढे। लेकिन मसूरी अच्छे वातावरण में सभी मिल कर रहते हैं, मसूरी के कई दरगाहें है व सभी पुरानी है, अगर कोई सरकारी भूमि पर है उसका वेरिफिकेशन होना चाहिए व प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए वहीं अगर कोई आपत्ति है तो न्यायालय में जाना चाहिए।