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September 26, 2026

सार्थक बिगुल

पर्वतीय क्रांति की आवाज

मई दिवस पर पर्यटन नगरी मसूरी में एटक एवं सीटू श्रमिक संगठनों ने अलग-अलग प्रदर्शन कर मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, सरकार से काले श्रम कानून को समाप्त करने सहित श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।

सुनील उनियाल /         मसूरी। मई दिवस पर पर्यटन नगरी मसूरी में  एटक एवं सीटू के नेतृत्व में श्रमिक संगठनों ने अलग अलग प्रदर्शन कर मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि दी व सरकार से काले श्रम कानूनों को समाप्त करने सहित श्रमिकों की मांगों को लेकर ज्ञापन भी दिया।
एटक के नेतृत्व में श्रमिकों ने लंढौर गुरूद्वारा चौक से पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ जुलूस निकाला व घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौक, शहीद स्थल मालरोड होते हुए गांधी चौक तक गया। इस मौके पर एटक अध्यक्ष आरपी बडोनी ने कहा कि आठ घंटे काम, आठ घंटे मनोरंजन व आठ घंटे आराम को लेकर अमेरिका में श्रमिकों ने शहादत दी थी। लेकिन आजाद भारत में श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को सबक सिखाने के लिए तमाम श्रमिक सड़कों पर है व ईट से ईट बजाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि होटल श्रमिकों सहित अन्य श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, आशाओं व भोजन माताओं का भी न्यूनतम वेतन घोषित करने आदि मांगों को इस प्रदर्शन के माध्यम से उठा रहे है। इस मौके पर मजदूर संघ, रेहडी पटरी व्यापारी, गाईड यूनियन, वाणित्य कर्मचारी यूनियन, होटल वर्कर्स यूनियन सहित अन्य यूनियनों से जुडे श्रमिकों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
वहीं दूसरी ओर सीटू के नेतृत्व में शहीद भगत सिंह चौक से गांधी चौक पर मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर प्रदेश सरकार को ज्ञापन दिया गया जिसमें मांग की गयी कि श्रमिकों का वेतन बढाया जाय, होटल, स्कूल, वाणिज्य कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन तीस हजार किया जाय, आशा, आंगनवाडी, भोजन माताओं का न्यूनतम वेतन तीस हजार किया जाय, व इनको राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय, मसूरी के 121 रिक्शा श्रमिकों को गोल्फकार्ट दी जाय व विधवा महिलाओं को वेंडर जोन में समायोजित किया जाय, इस मौके पर मजदूर संघ सहित आशा वर्कर, भोजन माता, आंगनवाडी कार्यकत्रिया आदि मौजूद रही