पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के निधन से मसूरी में शोक की लहर।
सुनील उनियाल / मसूरी – उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के निधन से जहां पूरा प्रदेश शोकाकुल है वही, मसूरी में भी उनके निधन का समाचार सुनकर राज्य आंदोलनकारीयों, राजनीतिक, सामाजिक संगठन सहित स्थानीय जनमानस ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
गौरतलब है कि साल 1991 में भाजपा के टिकट पर पौड़ी लोकसभा सीट से विजय हासिल कर स्वर्गीय खंडूरी तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क योजना सहित मंत्रालय की अन्य जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
वही साल 2007 में खंडूरी जी को उत्तराखंड का सीएम बनाया गया लेकिन पार्टी की अंदरूनी राजनीति के चलते उन्हें जून 2009 में सीएम पद से हटना पड़ा लेकिन अक्टूबर 2011 में खंडूरी को फिर से सीएम बनाया गया।
गौरतलब है कि साल 2012 में भाजपा ने “खंडूरी है जरूरी” के नारे को लेकर चुनावी समर में उतरी लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं बन पाई।
वरिष्ठ पत्रकार, इतिहासकार जयप्रकाश उत्तराखंडी ने खंडूरी जी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि खंडूरी जी के पूर्वजों का मसूरी के प्रति अविस्मरणीय योगदान रहा है। वर्तमान में घनानंद इंटर कॉलेज सहित पूरी किंक्रेग स्टेट खंडूरी परिवार की संपत्ति हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि 1928 में स्व० घनानंद खंडूरी की मृत्यु के बाद उनके छोटे भाई राधा बल्लभ खंडूरी ने मसूरी में कई सामाजिक सरोकारों के कार्य किए जिनमें लंढौर बाजार स्थित सर्वे मैदान के निकट धर्मार्थ चिकित्सालय खोलना वह अन्य शैक्षणिक संस्थानों में उनका योगदान शामिल था। वहीं राज्य आंदोलनकारी मंच मसूरी के महामंत्री पूरण जुयाल ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
संपादक: सुनील उनियाल
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