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November 6, 2026

सार्थक बिगुल

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पहाड़ों की रानी मसूरी में विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई, विश्वकर्मा जयंती पर मंदिर में पूजा अर्चना के साथ भंडारे का आयोजन किया गया।

मसूरी। विश्वकर्मा मंदिर समिति लंढौर छावनी लक्षमण पुरी में भगवान विश्वकर्मा जयंती समारोह के अवसर पर मंदिर में पूजा अर्चना, हवन, भजन कीर्तन व आतिशबाजी के साथ ध्वजारोहण किया व प्रसाद सहित भंडारे का आयोजन किया गया।
लंढौर छावनी परिषद लक्षमणपुरी में विश्वकर्मा मंदिर में विश्वकर्मा मंदिर समिति की ओर स विश्वकर्मा जयंती समारोह मनाया गया। इस मौके पर मुख्य पुजारी त्रिलोक प्रसाद जखमोला ने मंदिर में प्रातः गणेश पूजन के बाद भगवान विश्वकर्मा का पूजन व हवन किया वहीं मंदिर परिसर में पुराने धर्म ध्वज को उतार कर ढोल ढमाकें व आतिशबाजी के बीच नये ध्वज को चढाया गया। इस मौके पर मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन भी किया गया व अंत में आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया व भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने कहा कि वर्ष 1994 में मंदिर स्थापना के साथ हर वर्ष पूजा अर्चना की जाती है, उन्होंने बताया कि देहरादून में भी भगवान विश्वकर्मा का मंदिर नहीं है। उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रातः से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन कर परिवार की खुशहाली की कामना की वहीं बड़ी संख्या में श्रम करने वालों ने मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। उन्होंने बताया कि भगवान विश्वकर्मा प्रतिदिन बीस कार्य करने के बाद भोजन करते थे उन्हें सृष्टि का निर्माणकर्ता भी कहा जाता है। इस मौके पर उपेंद्र थापली ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सभी मानते है विशेषकर कारीगर समाज उनकी पूजा अर्चना करते हैं। उन्होेंने कहा कि सरकार को श्रम करने वालों के बारे में सोचना चाहिए तथा उनके रहन सहन व विकास के लिए योजना बनायी जानी चाहिए। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, सभासद विशाल खरोला, अनीता धनाई, अनिल गोयल, अनुज तायल, सुभाष शर्मा, महेशचंद्र, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, अल्पसंख्यक मोर्चा भाजपा अध्यक्ष जगजीत कुकरेजा, नागेद्र उनियाल, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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