पहाड़ों की रानी मसूरी के शहीद स्थल पर धूमधाम से मनाया गया उत्तराखंड क्रांति दल का 48वा स्थापना दिवस, उत्तराखंड बचाने का लिया संकल्प।
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सुनील उनियाल / मसूरी शहीद स्थल पर धूमधाम से मनाया गया उत्तराखंड क्रांति दल का 48वां स्थापना दिवस, उत्तराखंड बचाने का लिया संकल्प
मसूरी के शहीद स्थल पर शुक्रवार को उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) का 48वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड क्रांति दल के मसूरी शहर अध्यक्ष नितेश उनियाल, महामंत्री कृति कंडारी, संरक्षक कमल भंडारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी शहीदों को माल्यार्पण और पुष्पांजलि समर्पित करके हुई सभी कार्यकर्ताओं , पदाधिकारी और सदस्यों के द्वारा
श्री देव सुमन को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा उनकी शहादत को नमन किया गया। इस अवसर पर टिहरी रियासत के अन्यायपूर्ण शासन के विरुद्ध जनहित में किए गए उनके 84 दिनों के ऐतिहासिक आमरण अनशन को भी याद किया गया।
चर्चा के दौरान विस्तार से बताया गया कि किस प्रकार श्री देव सुमन ने जनता के अधिकारों, न्याय और स्वतंत्रता के लिए अमानवीय यातनाएँ सहन कीं, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उनके अदम्य साहस, त्याग, संघर्ष और बलिदान को उपस्थित सभी लोगों ने श्रद्धापूर्वक याद किया तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास, राज्य निर्माण में उक्रांद की भूमिका तथा वर्तमान समय में राज्य के समक्ष खड़ी चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर पार्टी के संरक्षक कमल भंडारी ने उत्तराखंड क्रांति दल के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल का जन्म 24–25 जुलाई 1979 को मसूरी स्थित अनुपम होटल में आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन से हुआ था। उस समय तत्कालीन उत्तर प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों की उपेक्षा, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान तथा पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को संगठित राजनीतिक स्वर देने के उद्देश्य से इस दल की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि डॉ. डी.डी. पंत, इंद्रमणि बडोनी, फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट , काशी सिंह ऐरी, हुकम सिंह पंवार, त्रेपन सिंह नेगी, कृपाल सिंह रावत, डी.पी. उनियाल सहित अनेक बुद्धिजीवियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इस ऐतिहासिक पहल को आकार दिया। मसूरी का अनुपम होटल आज भी उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में जाना जाता है, जहां से अलग उत्तराखंड राज्य के आंदोलन को संगठित राजनीतिक दिशा मिली और वर्षों के संघर्ष के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन संभव हो सका।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मसूरी शहर अध्यक्ष नितेश उनियाल ने कार्यकर्ताओं से एकजुट और संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तराखंड से राष्ट्रीय दलों को सत्ता से बाहर करने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल लगातार प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि “पहले हमने उत्तराखंड को बनाने की लड़ाई लड़ी थी, अब उत्तराखंड को बचाने की लड़ाई लड़नी है। जल, जंगल और जमीन उत्तराखंड की जनता की धरोहर हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर लूटने नहीं दिया जाएगा।”
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित लोगों ने उत्तराखंड के हितों की रक्षा, राज्य की अस्मिता को मजबूत करने तथा संगठन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नितेश उनियाल अध्यक्ष ,कृति कंडारी महामंत्री , कमल भंडारी संरक्षक , सुनील उनियाल मीडिया प्रभारी अनिल थपलियाल , सुनील नौटियाल , प्रेम सिंह रावत, जगबीर भंडारी आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे, इसके बाद मिष्ठान वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।