Recent Posts

October 23, 2026

सार्थक बिगुल

पर्वतीय क्रांति की आवाज

पहाड़ों की रानी मसूरी के शहीद स्थल पर मसूरी गोली कांड की 32वीं बरसी में शिरकत करने पहुंचे आंदोलनकारियो ने कहा- नहीं बना शहीदों के सपनों का उत्तराखंड।

सुनील उनियाल/

2 सितंबर 2026—-

मसूूरी । श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर राज्य आंदोलनकारी जय प्रकाश उत्तराखंडी ने कहा कि हमारी पीढी ने राज्य बना दिया अब नई पीढी का दायित्व है कि वह यहां के जल जंगल जमीन को बचाये, जिस सपने को लेकर राज्य बनाया गया था भाजपा व कांग्रेस की सरकारों ने उसे भुला दिया व राज्य के वजूद को समाप्त कर दिया। मसूरी की स्वास्थ्य सेवाये बदहाल है, पर्यटन  निदेशालय यहां से चला गया, एसडीएम दो दिन आता है, सचिवालय में जाते है तो वहां बाहरी राज्यों के वाहन नजर आते हैं, ब्यूरोक्रेट की मानसिकता पहाड़ के प्रति सकारात्मक नहीं है। उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि जिन लोगों ने राज्य के लिए शहादत दी आज उनका सपना चकनाचूर हो गया, आज जरूरत उस राज्य के निर्माण की है जिसके सपने आंदोलनकारियों ने देखे थे, लेकिन दुख है कि आंदोलनकारियों का इतिहास नहीं बन पाया। जो दुर्गति राज्य की हो रही है उसे बचाने के लिए आगे आना होगा। उक्राद का विजन उत्तराखंड को बचाने का है। सरकार ने मूल निवास समाप्त कर दिया। सुनील उनियाल गामा ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य बन गया लेकिन पलायन नहीं रूका, मातृशक्ति ने जवानी व पानी उत्तराखंड के काम आये इसको लेकर लड़ाई लड़ी थी लेकिन प्रगति की रफ्तार धीरे धीरे आगे बढ रही है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री आर्यनदेव उनियाल ने कहा कि जिन आंदोलनकारियों ने उत्तराखंड के लोगों को खुली हवा में सांस लेने का अवसर दिया उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं व राज्य के विकास में सभी आगे बढे व राज्य के सपनों को साकार करने में अपना योगदान दें। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रवीद्र जुगराण ने कहा कि आज राज्य आंदोलनकारी के सपनों को पूरा करने के लिए लंबी लड़ाई लड़ने की जरूरत है, अधूरे सपनों को पूरा करना है, संघर्ष की आवश्यकता है व सही दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी ने भी शहादत दी लेकिन उनको शहीद का दर्जा देने का पता 32 सालों में पता लगा व होम मिनिस्ट्री के पटट पर लिखा गया है।उन्होंने मसूरी में उमाकांत त्रिपाठी की प्रतिमा लगाने की मांग की व जहां वह रहते है पुलिस हास्टल का नाम उनके नाम पर रखा जाय।

المزيد من القصص